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नई कार्यकारिणी को भी बधाई और शुभकामनाएं।

पुष्पलता प्रकाश बारंगे कार्यकारिणी सदस्या राष्टीय पवार छत्रीय महासभा एवम प्रकाश बारंगे अध्यक्ष पवार समाज समिति सारणी की अध्यक्षता में ग्राम डहुआ तहसील मुलताई में राजाभोज पवार समाज समिति का गठन किया गया! जय राजाभोज, जय माँ गढ़कालिका

क्षत्रिय पवार समाज के सभी विवाह योग्य युवक युवतियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी :Register Here

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एक कदम एक प्रयास समृद्ध बनाये समाज : पवार समाज के समस्त व्यापारी बंधुओ के लिए एक हमारे पूज्य राजा भोज के नाम के साथ समाज के लिए सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन सिस्टम – बिज़नेस डायरेक्टरी (www.bhojvyapaar.com) का निर्माण किया गया है जिससे समाज के समस्त व्यापारी गण अपने बिज़नेस की समस्त जानकारी ऑनलाइन कर सकते है और सभी सामाजिक व्यक्ति इसका लाभ ले सकते है !

समृद्धि के पथ पर बढ़ते समाज में हमारे व्यापारी बंधुओ का विकास अन्य समाजो की तरह तेजी से नहीं हो पा रहा है न ही हम पवार समाज व्यापार के क्षेत्र में अपनी सुदृढ़ पहचान स्थापित कर पाए है.. कही न कही हमारी समाज का व्यापारी वर्ग आकार में विशालकाय होने के बावजूद भी पिछड़ा हुआ है और जिसे हम सब को मिलकर आगे बढ़ाना होगा उन्नत बनाना होगा.. क्योकि हम सभी के परिवारों से कोई न कोई तो अवश्य ही व्यापार से जुड़ा हुआ है .. तो हम सब को आगे आना होगा एक दूसरे का सहयोग करना होगा और समाज के व्याप्परी वर्ग को समृद्ध और विकासशील बनाना होगा !!

www.bhojvyapaar.com एक ऑनलाइन पोर्टल है जहा पवार समाज के विभिन्न क्षेत्रो में निवासरत व्यवसायी बंधू चाहे शहरी क्षेत्र हो या ग्रामीण क्षेत्र हो सभी अपनी व्यवसाय सम्बन्धी जानकारी चाहे वो कोई सेवा / वस्तु (product / service) हो क्षेत्रवार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते है और अपने बिज़नेस को ऑनलाइन अस्तित्व में ला सकते है.. जिससे उनके बिज़नेस को कोई भी व्यक्ति कही से भी जानकारी देखकर उनसे संपर्क कर सकता है और दी जाने सर्विस का उपयोग कर सकता है इस तरह व्यापारी वर्ग को अपने व्यापार को सुदृढ़ बनाने में सकारत्मक सहयोग और समृद्धि मिलेगी !

www.bhojvyapaar.com इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने के उपरांत आपको सम्बंधित व्यक्ति जो आपसे सर्विस लेना चाहे आपकी सर्विस और क्षेत्र के अनुसार ऑनलाइन अपने मोबाइल / लैपटॉप / कंप्यूटर के माध्यम से आसानी से किसी भी समय किसी भी क्षेत्र से ढूंढ सकता है और आपके दिए गए सम्पर्क जानकारी : मोबाइल/ फ़ोन / ईमेल/ व्हाट्सप्प के माध्यम से संपर्क कर सकता है ! इस प्रकार आपकी जानकारी और आपके बिज़नेस का दायरा किसी एक क्षेत्र में सिमित न रहकर बढ़ता जायेगा !

सभी सामाजिक व्यक्ति अपने समाज के व्यापारी वर्ग की कैसे सहायता कर सकते है : एक सामाजिक व्यक्ति होने के दायित्व के साथ हम सिर्फ इतना करे की जब भी हमें किसी भी प्रकार की service / product लेना हो तो एक बार जरूर देखे की अपने क्षेत्र में हमारा कोई व्यक्ति यह service / product का बिज़नेस कर रहा हो तो उससे जरूर संपर्क करे .. इसके लिए आपको सिर्फ अपने मोबाइल जो आमतौर हम सभी उपयोग करते है www .bhojvyapaar .com पर जाये ..

1 . अपनी सर्विस चुने

2 . अपने क्षेत्र चुने

3 . सर्च करे

और सम्बंधित व्यक्ति से service / product की जानकरी प्राप्त करले !!

समस्या : समाज के व्याप्परी वर्ग के लिए ऑनलाइन पोर्टल क्यों ???.. क्योंकि हमे अपने आसपास के अपने समाज के लोगो की ही पूरी सही जानकारी नहीं मिल पाती की कोईयन सा व्यक्ति किस प्रकार का व्यवसाय करता है .. या पता हो भी तो उनसे किसी कारणवश संपर्क नहीं हो पता है .. इस स्थिति में हम सभी न चाहते हुए भी किसी अनजान व्यक्ति से लेनदेन करते है और अपने किसी समाजिक व्यापारी भाई का नुक्सान करा देते है .. इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी बिज़नेस करने वाले व्यक्ति की समस्त जानकारी क्षेत्रवार होगी जिससे सभी को लाभ होगा और आपसी सामजस्य समाज में लेनदेन और सहयोग की भावना को बल मिलगा !

हमारा उद्देश्य : समाज के विभिन्न क्षेत्रो के समाजिक व्यक्ति और समाज के व्यवसायी बंधुओ के आपसी लेनदेन बढे हम सब मिलकर प्रयास करे की समाज के बीच service / product लेने का प्रयास करे जिससे हमारे व्यापारी वर्ग भी सुदृढ़ हो उनका परिवार भी समृद्ध हो और समाज के बीच service / product लेने सामाजिक सरोकार भी बढ़े.. सबका विकास होगा तभी समृद्ध समाज होगा !

हमारे वर्तमान कार्यक्षेत्र और सेवाएं :

Areas : BHOPAL, MANDIDEEP,BUDHNI,HOSANGABAD,SARNI,BETUL,MULTAI,CHHINDWARA,NAGPUR,BALAGHAT,JABALPUR,INDORE etc..!

Services/product : किसी भी प्रकार की service / product / business को ऑनलाइन रजिस्टर्ड किया जा जायेगा ! (ex : Photographer, DJ, Tent, Catering, Repair Shop, Car service, Life insurance, Motor Insurance, Builders, Constructors, Tutor, School, College, Doctor- Clinik, Hospital, Shop, Carpenter, Electrician, Plumber, Cleaner, Driver, Helper, Mechanics, Medical shop, workers, Beauty Parlors, yoga, Brokers, Finance, Decorators, Lighting, Printing , sales and support etc..)

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Register and become BHOJ Vyapaari 😊

Please contact for Registration : Mahendra Digarse -8880842536 & Chandan Pawar – 8880842536

🙏Jai raja BHOJ🙏

पुनर्विवाह

पुनर्विवाह : पवार समाज के ऐसे परिवारजन या व्यक्ति (युवक -युवतिया) जिनके जीवनसाथी की या तो मृत्यु हो चुकी है या फिर किसी और वजह से अपने जीवनसाथी से भिन्न एकल जीवन यापन करने पर विवश है…और अपने दायित्वों का निर्वाह हेतु जीवन में नयी शुरुवात करना चाहते है.. ऐसे समाजिक व्यक्तियों के जीवन सुधार हेतु एक सकारत्मक सामाजिक पहल  “पुनर्विवाह ” – पवार समाज के विभिन्न क्षेत्रो में निवासरत परिवारों में ऐसे भाई बहिन जो अपने जीवन की नयी शुरुवात करना चाहते है उन्हें पवारमट्रीमोनिअल एक सामूहिक मंच प्रदान करने का प्रयास करता है जिससे पुर्नविवाह समबन्धित सदस्य अपनी जानकारी हमें दे सकते है और हम ऐसे सभी सदस्यों जो विभिन्न क्षेत्रो से होंगे उन्हें अपना जीवनसाथी तलाशने में सहायक भूमिका अदा कर पुर्नविवाह समबन्धित सदस्यों की जानकारी साझा की जाएगी!! जिससे “पुर्नविवाह” में सहायता हो और किसी व्यक्ति के जीवन को नयी शुरुवात एवं समाज को  एक नया खुशहाल परिवार मिल सके…!!
पुनर्विवाह पर विशेष ध्यान – समाज को एक व्यक्ति के जीवन को सुधारने में पूर्णतः समर्थन और सहयोग करना चाहिए।

रजिस्ट्रेशन व् प्रक्रिया – अधिक जानकारी हेतु संपर्क करे : (महेंद्र डिगरसे :8880842536 / चन्दन पवार:8880686073 )

एक तरफ अपना समाज तरक्की कर रहा है एक नयी उचाईयों तक पहुंच रहा है अपने “राजा भोज के वंशज” होने पे बड़ा फक्र होता है लेकिन दूसरी और समाज के कुछ कड़वे सच भी है जिन्हे हम देखना नहीं चाहते | उनसे आँखें मिलाता हूँ तो परेशान हो जाता हूँ | वैसे हमारा सीधे लेना देना नहीं है  हम ही इस बारे में क्यों सोचें हमारी ज़िन्दगी तो ठीक ठाक चल रही है हमें क्या फर्क पड़ता है – लेकिन फर्क पड़ता है | हम भी तो इसी समाज का एक हिस्सा हूँ | हर बात के हमसे आपसे होकर ही तो गुजरती है … आज अगर राजा भोज ज़िंदा होते तो हम उन्हें क्या जवाब देते |||
समाज में विधवाओं की दशा आधुनिक काल में भी बड़ी शोचनीय है । अतः विधवा पुनर्विवाह की समस्या किसी न किसी रूप में अब भी उपस्थित है अपने समाज में जिसे मिलकर दूर करने का मिलकर प्रयास करना है |

#PawarMatrimonialhelps you to find right partner for #SecondMarriage 1

पुनर्विवाह इच्छुक समाज का व्यक्ति इस लिंक पर जा के अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करे : http://www.pawarmatrimonial.com/register/

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के उपरांत आपको आपकी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, लॉगिन अवं प्रोफाइल डिटेल्स रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर हमारे द्वारा भेज दी जाएगी |

आपको पावरमैट्रीमोनिअल के व्हाट्सअप्पग्रूप में जोड़ लिया जाएगा जिसमे वैवाहिक जानकारी शेयर की जाती है |

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युवा पवार समाज सगठन मुल्ताई द्वारा 10th, 12th मे प्रथम आए बालक बालिका का सम्मान,अखिल भारतीय महा सभा के अध्यछ पूरी कार्यकारणी का सम्मान, स्वर्गीय श्री गोपीनाथ जी कलभोर कि प्रथम पुण्यतिथि का आयोजन किया गया!

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पवार समाज के जिला अध्यक्ष श्री राजू पवार ने किया मुलताई क्षेत्र के ग्रामो का दौरा जिसमे पवार समाज से उमीद्द्वार की बात रखी जिस प्रकार बालाघाट सिवनी में पावर नेता है इसी प्रकार मुलताई बैतूल में भी हमारा उमीद्द्वार हो जिसके लिए अध्यक्ष के प्रयास करते हुए निरंतर समाज हित में विभिन्न्न पवार बहुल गावो व् अन्य क्षेत्रो में समाज बंधुओ से चर्चा करते व् समाज में जागरूकता लाने हेतु निरंतर कार्यशील !!

समाज के सभी सदस्यों को हमारे जिला अध्यक्ष के साथ मिलकर इस दिशा में प्रयास करना चाहिए ताकि आने वाले चुनावो में पवार समाज के प्रत्यासी खड़े हो सके और राजनितिक पार्टियों को पवार समाज को प्राथमिकता के साथ टिकट देना ही पड़ेगा !

पवार समाज के हर आयु वर्ग को इस सम्बन्ध में अपने विचार रखना चाहिए और सभी को एक मत होकर इस दिशा में आगे विचार किया जाना चाहिए !!

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19 जुलाई ताप्ती जयंती पर विशेष –
वह शहर हमारा मुलताई है-
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कहते है इस शहर में कभी कोई भूखा नही सोता.. इस शहर में हर कोई सोने की तरह तपता है और निखरता है, इस शहर में कभी नारद की तपोभूमि थी आज यह अंचल जन-जन की तपोंभूमि है। यमराज को भी बहन ताप्ती के शहर में आना मना है, इस शहर में लोग ख़ुद से मोक्ष पाने चले आते है, कहते है यहाँ मरने पर स्वर्ग मिलता है।

इस शहर में लोग ३६५ दिन त्योहार मनाते है। यहाँ मेला तो कार्तिक पूर्णिमा से मात्र पंद्रह दिनों के लिए भरता है पर साल भर ख़त्म होने का नाम नहीं लेता। दुःख यहाँ दिखाई नही देता। ताप्ती अंचल के सीधे साधे लोगों के चेहरों पर खिली सरल, सरस और सहज मुस्कान मन को मोह लेती है और दुःख को सोख लेती है। इनसे मिलना प्रयाग में गंगा यमुना के मिलने की तरह असीम आनंददायी होता है। यहाँ समय ही नहीं चलता, यहाँ जीवन भी चलता है। सुख यहाँ किसी मेहमान की तरह टिकता नहीं, लेकिन यह शहर कभी रुकता नहीं। यहाँ मन्दिर हैं, मस्जिद है , गिरिजाघर है,गुरूद्वारे हैं। कहीं पंजाब, तो कहीं गुजरात, कहीं बंगाल तो कहीं महाराष्ट्र,कही राजस्थान तो कहीं मद्रास इस शहर में दिखता है। फैशन के दौर में भी एक धोती या गमछे में ही यह शहर जी लेता है। इतना ही नही, यह शहर श्री सुंदरलाल देशमुख और दादा धर्माधिकारी जैसे विद्वान् भी देता है। यह शहर श्री चंद्रकांत देवताले जैसे साहित्यकार और श्री आचार्य जैसे प्रशासनिक अधिकारी भी देता है। यहाँ का प्रकाश खातरकर अंटार्कटिक हो आता है तो श्री विजय देव और श्री राजुरकर राज राजधानी भोपाल में लोगों के दिलों पर राज करते हैं। सतपुड़ा संस्कृति संस्थान सतपुड़ा की संस्कृति से पुरे देश और दुनिया को परिचित कराता है तो सतपुड़ा आंचलिक साहित्य परिषद् यहाँ की धरोहरों से सम्बंधित जानकारी घर घर पहुंचाने में विश्वास करता है।

यहाँ फटी धोती और सफारी सूट एक ही दुकान पर चाय पीता है। यहाँ लुगड़ा और जीन्स पहनी महिलाएं ताप्ती में स्नान कर साथ साथ मंदिर में पूजा करती हैं। यहाँ पश्चिम और पूरब दोनों एक साथ दर्शन दे जाते हैं।

इस शहर का नाम पूछने पर कोई इसे मुलतापी और कोई मुलताई कहता है लेकिन अपने इस शहर की परिभाषा हर आदमी कुछ यू बताता है..

“माँ ताप्ती की दुहाई है वो शहर हमारा मुलताई है…”

ताप्ती संस्कृति –

ताप्ती वाक है। असत से सत ,तमस से ज्योति ,अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने वाले मार्ग का निर्देश करती है। ताप्ती काव्य है, इसमें रामायण- सा औदात्य और महाभारत- सा विस्तार है। ताप्ती रसवंती है ,इसमें सहस्त्र -सहस्त्र महाकाव्यों का रस है। ताप्ती कला है। इसके कटान ,ढलान ,उतार- चढाव उसकी कला कृतिया है। ताप्ती गीत है ,लय है ,नाद है। ताप्ती गति ,यति, आरोह -अवरोह है। ताप्ती सृजन धर्मिणी है। वह हर पल ,हर छण ,हर घड़ी ,हर प्रहर ,हर दिन ,हर मास ,हर वर्ष कुछ न कुछ सिरजती रहती है। कभी चट्टानों से कोई अपूर्व आकृति तो कभी कगारों का बाँकपन और कहीं धाराओं की सहस्त्र-सहस्त्र लट। संगीत रचती ताप्ती की कल -कल की ध्वनि और जलप्रपात से गिरते जल की धार की धारदार ध्वनि मन को मोहित करती है। ताप्ती कल्पदा है ,कामरूपा है ,कला विद्या ,काव्य और संगीत की अधिष्ठात्री है।

ताप्ती प्रेयसी है,अथाह रसभरी है। वह आमंत्रित करती है। उसमें उतर जाने को ,खो जाने को और विलीन हो जाने को। ताप्ती धीरा है, प्रशांता है ,मृदु भाषिणी है। वह चिर यौवना है। उसका यौवन और प्रेम मातृत्व में फलिभूत होता है या मुक्ति में। राम ने सरयू की गोद में जन्म लिया ,उससे प्रेम किया और उसी में समाहित हो गए। ताप्ती अंचल का हर राम ताप्ती की गोद में जन्म लेता है ,ताप्ती से प्रेम करता है और अंत में उसी में समाहित हो जाता है। ताप्ती तालाब और ताप्ती किनारे होने वाले उत्तरकर्म इसका प्रमाण है। ताप्ती केवल धरती के भूगोल में ही नहीं बहती ,वह जन -जन के अंतस में भी बहती है। वह अंतःसलिला है। कार्तिक माह में ताप्ती किनारे लगने वाले मेले उसी अंतर्प्रवाह का बाह्य प्रस्फुटन है।

वल्लभ डोंगरे ,सुखवाड़ा ,सतपुड़ा संस्कृति संस्थान ,भोपाल।

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मुलताई में आज पवार समाज द्वारा : 29 जनवरी दिन सोमवार को मुलताई मे पवार राजा भोज जयंती समारोह का आयोजन किया गया है।
सभी सामाजिक बंधुओ से निवेदन है, कि अधिक से अधिक संख्या मे शोभायात्रा मे सम्मिलित होकर कार्यक्रम को सफल बनाये ।।
कार्यक्रम :- शोभायात्रा का शुभारंभ मासोद नाका दुर्गा मंदिर प्रांगण मुलताई से
समय :- सुबह  10 बजे
समापन :- अरिहंत लान बैतुल रोड मुलताई ।।
आयोजक :- पवार राजा भोज जयंती समारोह आयोजन समिति मुलताई ।।
सौजन्य से :- करण सिंह देशमुख  (आशीष पवांर ) प्रचार प्रमुख, पवार राजा भोज जयंती समारोह आयोजन समिति मुलताई ।।

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मुलताई में होने जा रहे “राजा भोज जयंती उत्सव” में आप सभी से विनती है अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर कार्यक्रम को सफल बनाए।
जय राजा भोज।💐👍

सभी पवार भाई से निवेदन है आज – 29/जनवरी /18 दिन सोमवार को मुलताई शु, 10 पहुंचे । पवार समाज के गौरव राजा भोज की शोभायात्रा का आयोजन की गया । सभी लोग अपना कीमती समय मे से कुछ समय निकाल कर  समाज को समय दान कर । सामाजिक एकता का परिचय दे ।। हमारे समाज व शोभायात्रा  का गौरव बढ़ाने के लिये सभी लोग एक साथ आ कर युवा शक्ति को सहयोग करे 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

निवेदन
जिलाध्यक्ष राजू पवार अनुराग
पवार समाज सगठन जिला बैतुल

।। जय राजा भोज ।।
।। जय – जय पवार ।।
।। जय मा ताप्ती ।।

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22 जन 2018 राजा भोज जयंती पर विशेष –

वे दूसरों की सहायता करते तो लगता मानो लक्ष्मी ही धन की वर्षा कर रही हो,जब वे लिखते तो लगता मानो सरस्वती ही उनकी कलम में उतर आई हों और जब वे युद्ध के मैदान में होते तो लगता मानो दुर्गा ही उनकी तलवार में उतर आई हों।


राजा भोज के चित्र को ध्यान से देखें। माँ वाग्देवी की आराधना में वे लीन हैं। उनके बगल में तलवार लटकी हुई है। कद काठी मजबूत है। शरीर बलिष्ठ है। उनका पूरा व्यक्तित्व ही शिक्षाप्रद है। माँ वाग्देवी की पूजा करना इस बात का प्रतीक है कि हमारी बहन बेटी बहू माँ वाग्देवी स्वरूपा हैं। उनके मान सम्मान की रक्षा करना ही उनकी सच्ची आराधना है। हमारे समाज में पिता बेटी के और भाई बहन के चरण स्पर्श करता है। हमारे घर में लक्ष्मी स्वरूपा लाई जाने वाली बहू के भी ससुर चरण स्पर्श करते हैं। माँ बहन बेटी बहू सरस्वती लक्ष्मी पार्वती स्वरूपा होती हैं। भोज का व्यक्तित्व हमें यही सीख देता है कि जीवन में नारी का सम्मान करने से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है।


राजा भोज के हाथ में जो तलवार है वह कर्म का प्रतीक है।तलवार तत्परता और स्फूर्ति का प्रतीक मानी जाती है। कर्म करके ही जीवन को सार्थकता प्रदान की जा सकती है। 17 बार सोमनाथ को लूटने वाला गजनवी जब बेशर्मी की सारे हदें पार कर जाता है तब राजा भोज को अपनी तलवार निकालना पड़ता है। बहन बेटियों की आबरू की रक्षा के लिए राजा भोज को तलवार उठानी पड़ती है। मुँह ताकना और हाथ पे हाथ धरे बैठना क्षत्रियों को शोभा नहीं देता। भोज यही सीख देते है कि जरुरत पड़ने पर प्राणों की बाजी लगाने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।


राजा भोज कर्म प्रधान विश्व करि राखा के प्रबल समर्थक और सटीक उदाहरण थे। उन्होंने 55 वर्ष की आयु में 84 किताबें और 120 काव्य लिखकर तलवार के साथ कलम को भी साध रखा था। राजा होने के कारण उनपर लक्ष्मी की कृपा तो थी ही सरस्वती और दुर्गा की भी उनपर असीम कृपा थी। वे दूसरों की सहायता करते तो लगता मानो लक्ष्मी ही धन की वर्षा कर रही हो,जब वे लिखते तो लगता मानो सरस्वती ही उनकी कलम में उतर आई हों और जब वे युद्ध के मैदान में होते तो लगता मानो दुर्गा ही उनकी तलवार में उतर आई हों।


उनका स्वस्थ और सुन्दर शरीर यही सन्देश देता है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन पाया जाता है। मन को मंदिर की संज्ञा दी गई है। स्वस्थ मन होने पर ही स्वस्थ निर्णय लिए जा सकते हैं। जीवन में उन्होंने प्रतिभाओं को सम्मान दिया और अपने दरबार में उनको सदैव ही उच्च स्थान प्रदान किया। उनके दरबार में सदैव उच्च कोटि के विद्वानों की परिचर्चाएं आयोजित हुआ करती थीं। दक्षिण से 400 विद्वानों को अपने दरबार में स्थान देकर उन्होंने यही बताने की कोशिश की कि प्रतिभाओं के सम्मान और उनके सानिध्य में ही जीवन का सच्चा विकास संभव है।

राजा भोज द्वारा 1000 वर्ष पूर्व विज्ञान, तकनीकी,यांत्रिकी, ज्योतिष आदि का इतना विकास कर लिया गया था कि आज का जीवन भी उनके जीवनकाल के समय से काफी पीछे का प्रतीत होता है। उनका विकसित जीवन हमें जीवन में नवीन ज्ञान तकनीकी को यथोचित स्थान देने की सीख देता है।समय के साथ चलने के लिए हमें लीक से हटकर अपने जीवन में आवश्यक सुधार लाने और अपनाने की सीख देता है।

हमें चाहिए कि रूढ़िवादिता, अन्धविश्वास,कुरीति,मृत्युभोज,दहेज़,बलि प्रथा,चुट्टी आदि आदिम काल से चली आ रही कुरीतियों और परम्पराओं को त्यागकर नवीन को धारण कर अपने स्वस्थ सुखी और सुविकसित जीवन की नींव रखें। राजा भोज जयंती मनाना तभी सार्थक होगा जब हम आडम्बर से बचकर उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का हर संभव प्रयास करेंगें। केवल राजा भोज के चित्र पर माला और पुष्प चढ़ाकर,जय राजा भोज के नारे लगाकर,फेसबुक पर जय राजा भोज लिखकर या एक दिन आयोजन में भीड़ का हिस्सा बनकर भोज जयंती मनाना महज औपचारिकता होगी।

-वल्लभ डोंगरे,सुखवाड़ा, सतपुड़ा संस्कृति संस्थान भोपाल।

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